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2017

Vol 4, No 10 (2017): Vol-4-Issue-10-October-2018

Sahitya Samhita: A Multidisciplinary International Journal which is peer reviewed, open access journal with a goal to provide a platform for those young scientists, researchers and academicians all over india to promote, share & discuss the research & innovation done on multidisciplinary science & technology, who have done good contribution in form of research on their respective domain to scientific community but hesitate to come forward to publish their work because of not having good commend in English language. AMIJ is an attempt of Edupedia Publications Pvt Ltd to motivate those researcher & brings together to publish their articles in Hindi or Hinglish {Hindi-English Mix}language from multiple technical backgrounds

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Vol 4, No 9 (2017): Vol-4-Issue-9-September-2018

साहित्य संहिता पत्रिका का प्राइम फोकस हिंदी की पढ़ाई से संबंधित लेख प्रकाशित करने के लिए है। यह पत्रिका हिन्दी अनुसंधान में छात्रों और कर्मियों को प्रेरित करने के उद्देश्य के साथ मंच प्रदान करता है। हिन्दी साहित्यए प्राचीन भारतीय विज्ञान (हिन्दी में), संगणना भाषा विज्ञान, संस्कृति, महाकाव्य, व्याकरण, इतिहास, भारतीय सौंदर्य और राजनीति, पुराणों, धर्म, साहित्य, वेद, वैदिक अध्ययन, बौद्ध साहित्य, भारतीय और पश्चिमी तार्किक सिस्टम, भारतीय प्रवचन विश्लेषण, भारतीय दर्शन, भारतीय सामाजिक-राजनीतिक चिंतन, Indological अध्ययन, जैन साहित्य, हिंदू ज्योतिष । अपने विचार और टिप्पणियां अत्यधिक प्रशंसित किया जाएगा। लेखक ss@pen2print.org के लिए अपने लेख भेज सकते हैं। सभी पांडुलिपियों त्वरित समकक्ष समीक्षा प्रक्रिया और (पहले प्रकाशित नहीं और एक अन्य पत्रिका के प्रकाशन के लिए विचाराधीन नहीं कर रहे हैं जो कर रहे हैं) के लिए उच्च गुणवत्ता के उन लोगों के बाद के अंक में बिना किसी देरी के प्रकाशित किया जाएगा के अधीन हैं। पांडुलिपि के ऑनलाइन जमा करने की जोरदार सिफारिश की है। एक पांडुलिपि नंबर एक सप्ताह या जल्दी के भीतर इसी लेखक के लिए भेज दिया जाएगा। हिन्दी रिसर्च इंटरनेशनल जर्नल की ओर से, मैं अपने सभी साथी शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए मेरे संबंध बढ़ाने और उन्हें अपने क्षेत्र में समृद्धि की कामना करता हूं। Sahitya Samhita is a Peer Reviewed Journal. Prime focus of the journal is to publish articles related to the Hindi studies. This journal provides platform with the aim of motivating students and personnel in Hindi Research. International Journal of Hindi Research considers review and research articles related to: Hindi Literature, Ancient Indian Sciences (In Hindi), Computation Linguistics, Culture, Epics, Grammar, History, Indian Aesthetics and Politics, Puranas, Religion, Sahitya, Veda, Vedic Studies, Buddhist Literature, Indian and Western Logical Systems, Indian Discourse Analysis, Indian Philosophy, Indian Socio-Political Thought, Indological Studies, Jain Literature, Hindu Astrology (Jyotiḥśāstra). Your views and comments will be highly acclaimed. Author can send their articles to ss@pen2print.org All manuscripts are subjected to RAPID peer review process and those of high quality (which are not previously published and are not under consideration for publication by another journal) would be published without any delay in subsequent issue. Online submission of the manuscript is strongly recommended. A manuscript number will be mailed to the corresponding author within one week or early. 

On the behalf of International Journal of Hindi Research, I would like to extend my regards to all fellow researchers and scholars and wish them prosperity in their field.

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Vol 4, No 8 (2017): Vol-4-Issue-08-August-2018

"Sahitya Samhita" में हम कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र के शोधार्थियों और अध्येताओं के शोध-पत्र आमंत्रित करतें हैं. इस शोध-पत्रिका में हम उत्कृष्ट शोध-पत्रों को ही वरीयता देतें हैं. इस शोध-पत्रिका का मुख्य उद्देश्य साहित्य की सेवा करना है.

शोध-पत्रिका के माध्यम से हम हिंदी एवं संस्कृत को नए बुलंदियों पे ले जाना चाहते हैं. लेखकों से अनुरोध है की कृप्या अच्छे शोध-पत्र ही हमें भेजे तथा प्रकाशित करने का कोई भी दबाव बनाने को कोशिश न करें. इसका पूरा अधिकार संपादक-मंडल के पास सुरक्षित है. उन्ही शोध-पत्रों को प्रकाशित किया जायेगा जिसके संस्तुति प्रधान-संपादक करेंगे.

Vol 4, No 7 (2017): Vol-4-Issue-07-July-2018

काव्य में गीत, ग़ज़ल, कविता, दोहे, भजन व हास्य कविताएं सम्मिलित की गई हैं। 
बाल-साहित्य के अंतर्गत शेखचिल्ली की कहानी, 'ख्याली जलबी', अरविंद की सीख भरी बाल-कथा, 'बेईमान' और सुभद्राकुमारी चौहान की 'हींगवाला' बच्चों को रोचक लगेंगी। बालस्वरूप राही व निरंकार देव सेवक के बाल-गीत पढ़कर बच्चे आनंदित होंगे।

Vol 4, No 6 (2017): Vol-4-Issue-06-June-2018

यह स्तंभ साहित्यिक अंतर्विरोध, सामाजिक बदलाव, सांस्कृतिक वैश्वीकरण की नीति पर खड़े प्रश्नचिन्ह, ऐतिहासिकता का विस्मृति दंश, कला की व्यावहारिक और सैद्धांतिक बहस आदि ऐसे विषयों पर आधारित है. यह आवाम के उस हिस्से का संग्राहक है जिसमें जीवनपर्यन्त एक आदमी सब कुछ जीते हुए खुद के भीतर से एक नया संसार रचता है और सब कुछ ख़त्म हो जाने के बाद भी अपनी पहचान छोड़ जाना चाहता है. यही अस्मिता की पहचान है जो मानवीय संवेदना और ब्रह्माण्ड को नयी अस्मिताएँ देता है और यहीं से सृष्टि के सृजन और विनाश की तमाम सूरतें साफ़ दिखाई देने लगती हैं . इस स्तंभ का मक्सद है कि युवा और पुरानी पीढ़ी के बीच एक स्वस्थ संवाद पैदा किया जा सके. ताकि विश्व संस्कृति के निर्माण में इन विचारों से मानवीय मूल्य, परंपरा, संस्कार परिशोधन कर उसे नयी ज़मीन पर पुनर्स्थापित किया जा सके. आज के युग में पुराने पड़ चुके मूल्यों को दरकिनार किया जा चुका है. अभी जबकि नये मूल्य संपूर्णता के साथ सक्षम हुए परिपक्व ज़मीन में नहीं आए जिससे युग की परख़ करना बेहद मुश्किल है कि इस नवीनता में यथार्थ चेतना, किस अंश तक मानवीय और याँत्रिक है .

इस स्तंभ में पुरानी पीढ़ी के विचारों का द्वंद्व और तनाव हमेशा नए के साथ साथ है लेकिन एक जगह ऐसी है जहाँ दोनों अपने अपने विचारों का मिला जुला रूप रखने को समर्थ हैं, वह है 'हस्तक्षेप'. आज जबकि पुराने मूल्य दरकिनार कर दिये जा चुके हैं जबकि नए मूल्य अभी परिपक्व और सक्षम नहीं हुए हैं कि युग बदलाव और उसमें मानवीय यथार्थवादी चेतना कितनी मानवीय है कितनी याँत्रिक. इसकी परख़ कर सकें इसीलिए पुरानी पीढ़ी के विचारों के बिना यह संभव नहीं. युवा पीढ़ी युग निर्माण को शाश्वत धरातल पर सही सलामत ले जा सके. यह स्तंभ नए और पुराने मूल्यों पर बहस नहीं बल्कि दोनों की संपूर्णता और सामंजस्य का प्रतिनिधित्व है ताकि हम पुरा सामग्री को बचा सकें और नयी क्रियाओं को उसमें समा सकें. जिससे यह कहने का दंश न रह जाए - "कहाँ गया वह पूर्ण पुरातन, वह सुवर्ण का काल"

इस स्तंभ में पूर्ण पुरातनता और नित नयी नवीनता की पल्लवित कोंपल को तमाम बहसों से सुरक्षित रखा जा सके क्योंकि आख़िर पुरातनता ही तो नवीनता के तमाम क्षणों में तब्दील होती है और नवीनता ही अति नवीन या सृजन के समय पुरातन होती जाती है. अत: पुरातनता की मज़बूत जड़ को यह स्तंभ नवीनता की सबसे मज़बूत शाख के रूप में सुरक्षित रखेगा .

Vol 4, No 5 (2017): Vol-4-Issue-5-May-2018

  • अभिव्यक्ति व अनुभूति अव्यवसायिक पत्रिकाएँ हैं। इनमें रचनाएँ प्रकाशित करने के लिए जबतक पहले से सूचित न किया गया हो, कोई भी धनराशि ली अथवा दी नहीं जाती है।

  • पत्रिका के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इसका शीर्षक बदलने अथवा इसमें संपादन करने का अधिकार संपादक मंडल के पास है।

  • स्थान के अनुसार रचना को अनेक पृष्ठों व अंकों में विभाजित किया जा सकता है।

  • पृष्ठ संरचना के अनुसार किसी भी रचना के साथ चित्रों को संबंधित करने का निर्णय और अधिकार संपादक मंडल का है।

  • अभिव्यक्ति व अनुभूति को प्रकाशनार्थ भेजी गई रचनाएँ लेखक के व्यक्तिगत जालघर, चिट्ठे या अन्य किसी जाल पत्रिका को नहीं भेजी जानी चाहिये। यदि पहले या बाद में उन्हें किसी अन्य हिंदी जाल-पत्रिका पर देखा गया तो उन्हें अभिव्यक्ति व अनुभूति से हटाया जा सकता है।

  • रचना की स्वीकृति की सूचना देर से देर एक महीने के अंदर भेज दी जाती है। अस्वीकृत रचनाओं के विषय में पत्रव्यवहार नहीं किया जाता। अत: लेखकों से नम्र निवेदन है कि वे एक माह तक प्रतीक्षा करें।

  • स्वीकृत रचनाओं के प्रकाशन में सामान्य रूप से १ से ३ महीने तक का समय लगता है। कृपया अनुस्मरण (रिमाइंडर)  भेजने से पहले इतनी प्रतीक्षा अवश्य करें।

  • एक से अधिक रचनाएँ स्वीकृत हैं तो दोनों के प्रकाशन के बीच में ६ माह या अधिक का समय लग सकता है।

  • नई हवा की कविताओं में संशोधन किए जा सकते हैं। अत: अगर संशोधन न चाहें तो कृपया इस स्तंभ के लिए रचना न भेजें।

  • सभी विषयों से संबंधित निबंधों और लेखों की शब्द संख्या १००० से २००० शब्दों के बीच होनी चाहिये

Vol 4, No 4 (2017): Vol-04-Issue-04-April-2018

अनुभूति और अभिव्यक्ति में आपकी अनुभूति और रचनात्मक अभिव्यक्ति का स्वागत है। इन पत्रिकाओं के लिए हम कहानी, कविता, हास्य व्यंग्य, नाटक तथा हर प्रकार के साहित्य, संस्कृति, परिवार, स्वास्थ्य, पर्यटन, चित्रकला तथा बाल साहित्य से संबंधित हिंदी रचनाएँ आमंत्रित करते है। विशेषांकों से संबंधित सामग्री कृपया एक महीने पहले अवश्य भेज दें।  

रचनाएँ पहले से वेब पर किसी भी वेबसाइट या ब्लाग आदि में प्रकाशित नहीं होनी चाहिये। पत्र-पत्रिकाओं में पूर्वप्रकाशित रचनाओं के साथ निम्नलिखित सूचना को संलग्न करना आवश्यक है : 
पुस्तक या पत्रिका का नाम, प्रकाशक का नाम तथा पता, रचना यदि किसी पत्रिका से ली गई है तो अंक की तिथि तथा वर्ष, तथा संपादक का नाम होना भी ज़रूरी है।

Vol 4, No 3 (2017): Vol-04-Issue-03-March-2018

हमारा उद्देश्य राष्ट्रभाषा हिन्दी एवं भारतीय भाषाओं की रक्षा एवं देवनागनरी लिपि एवं अन्य भारतीय लिपियों की रक्षा करना है। जरा विचार करें जब भारतीय भाषाएं एवं लिपियां ही नहीं रहेंगी तो इन भाषाओं में लिखे गये साहित्य को कौन पढ़ेगा ? भाषाओं का सम्बन्ध सीधे संस्कृति से जुड़ा होने के कारण जब भाषाएं ही नहीं रहेंगी तो संस्कृति भी धीरे-धीरे विलुप्त हाती जाएगी। अत: भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण में आप अपना योगदान 

Send paeprs to ss@eduepdiapublications.org

Vol 4, No 2 (2017): Vol-04-Issue-02-February-2018

Our aim is to full fill the need of researchers and inculcate new and relevant trends in research work as-well-as provide platform to publish your research work especially in the filled of Humanities & Social Science.

  • To maintain Humanities And Social Science Researches Data Base
  • To Provide Link Between Supervisor And Research Student
  • Information About Seminars And Their Reporting
  • E-Publication Of Doctoral/Post Doctoral Research’s Abstracts and thesis
  • To Provide Information About Major Research Projects
  • Publication Of Research Journal For Research Scholars And Supervisors Of Humanities And Social Science
  • Encourage Good Research Providing Various Information’s And Platform

Vol 4, No 01 (2017): Vol-4-Issue-01-January-2018

Our research journal’s contents are:

शोध संचयन के स्तम्भ (Column)-

शोध आलेख (Peer Reviwed Research Articles)

शोध सम्भावना (Articles Regarding Research Insight for New Researchers, New Trends and Innovations in the Field of Humanities and Social Science Research)

शोध विधा (Articles Regarding Research Methodology and thier Different Dimensions)

शोध परियोजना (Reports of Research Projects)

शोध समाचार एवं गतिविधियाँ (Information about Seminar/ Workshop/ Symposia/ Conference and thier Reportings, Research News and Notifications)

शोध सारांश (Research Abstracts)

शोध विमर्श (Discourse on New Trends, Pros & Cons of Humanities and Social Science Research)

शोध समीक्षा (Review of Awarded Thesis)

शोध साधना (Research Experience of the earlier Researchers)

शोध प्रकाशन (Review of Research Publications)

Vol 3, No 10 (2017): Vol-03-Issue-11-November-2017

A Multidisciplinary International Journal (In Hindi)The most important product of scientific research is Invention and Innovation. International Research Journal (Sahitya Samhita).

Vol 3, No 10 (2017): VOL-03-Issue-10-October-2017

साहित्य संहिता  का प्राइम फोकस हिंदी की पढ़ाई से संबंधित लेख प्रकाशित करने के लिए है। यह पत्रिका हिन्दी अनुसंधान में छात्रों और कर्मियों को प्रेरित करने के उद्देश्य के साथ मंच प्रदान करता है। हिन्दी साहित्यए प्राचीन भारतीय विज्ञान (हिन्दी में), संगणना भाषा विज्ञान, संस्कृति, महाकाव्य, व्याकरण, इतिहास, भारतीय सौंदर्य और राजनीति, पुराणों, धर्म, साहित्य, वेद, वैदिक अध्ययन, बौद्ध साहित्य, भारतीय और पश्चिमी तार्किक सिस्टम, भारतीय प्रवचन विश्लेषण, भारतीय दर्शन, भारतीय सामाजिक-राजनीतिक चिंतन, प्दकवसवहपबंस अध्ययन, जैन साहित्य, हिंदू ज्योतिष । अपने विचार और टिप्पणियां अत्यधिक प्रशंसित किया जाएगा। लेखक sahityasamhita@gmail.com or editor@sahityasamhita.org के लिए अपने लेख भेज सकते हैं। सभी पांडुलिपियों त्वरित समकक्ष समीक्षा प्रक्रिया और (पहले प्रकाशित नहीं और एक अन्य पत्रिका के प्रकाशन के लिए विचाराधीन नहीं कर रहे हैं जो कर रहे हैं) के लिए उच्च गुणवत्ता के उन लोगों के बाद के अंक में बिना किसी देरी के प्रकाशित किया जाएगा के अधीन हैं। पांडुलिपि के ऑनलाइन जमा करने की जोरदार सिफारिश की है। एक पांडुलिपि नंबर एक सप्ताह या जल्दी के भीतर इसी लेखक के लिए भेज दिया जाएगा। हिन्दी रिसर्च इंटरनेशनल जर्नल की ओर से, मैं अपने सभी साथी शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए मेरे संबंध बढ़ाने और उन्हें अपने क्षेत्र में समृद्धि की कामना करता हूं। International Journal of Hindi Research is a Peer Reviewed Journal. Prime focus of the journal is to publish articles related to the Hindi studies. This journal provides platform with the aim of motivating students and personnel in Hindi Research. sahitya Samhita, International Journal in Hindi, considers review and research articles related to: Hindi Literature, Ancient Indian Sciences (In Hindi), Computation Linguistics, Culture, Epics, Grammar, History, Indian Aesthetics and Politics, Puranas, Religion, Sahitya, Veda, Vedic Studies, Buddhist Literature, Indian and Western Logical Systems, Indian Discourse Analysis, Indian Philosophy, Indian Socio-Political Thought, Indological Studies, Jain Literature, Hindu Astrology (Jyotiḥśāstra). Your views and comments will be highly acclaimed. Author can send their articles to sahitasamhita@gmail.com or editor@sahityasamhita.org All manuscripts are subjected to RAPID peer review process and those of high quality (which are not previously published and are not under consideration for publication by another journal) would be published without any delay in subsequent issue. Online submission of the manuscript is strongly recommended. A manuscript number will be mailed to the corresponding author within one week or early. On the behalf of Sahitya Samhita, I would like to extend my regards to all fellow researchers and scholars and wish them prosperity in their field. sahityasamhita@gmail.com or editor@sahityasamhita.org

Vol 3, No 9 (2017): VOL-03_ISSUE-10_September_2017

साहित्य संहिता एक अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका है जिस में हिंदी भाषा में लिखी सभी तरह के लेख प्रकाशित होते है.

Hindi Journal, International Hindi Journal, Hindi Journal with Impact Factor, Hindi Language Jounal, Hindi magazine, Hindi patrika, Hindi research journal, Hindi journal for Research. 

 

Vol 3, No 8 (2017): VOL-03_ISSUE-08_August_2017

साहित्य संहित हिंदी भाषा में प्रकाशित अन्तराष्ट्रीय पत्रिका है जो है विषय के लेख को प्रकाशित करती है. साहित्य संहिता में प्रकाशित शोधपत्र पुरे दुनिया में पढ़ी जाती है.

Vol 3, No 7 (2017): VOL-03_ISSUE-07_July_2017

इंटरनेशनल जर्नल पत्रिका का प्राइम फोकस हिंदी की पढ़ाई से संबंधित लेख प्रकाशित करने के लिए है। यह पत्रिका हिन्दी अनुसंधान में छात्रों और कर्मियों को प्रेरित करने के उद्देश्य के साथ मंच प्रदान करता है। हिन्दी साहित्यए प्राचीन भारतीय विज्ञान (हिन्दी में), संगणना भाषा विज्ञान, संस्कृति, महाकाव्य, व्याकरण, इतिहास, भारतीय सौंदर्य और राजनीति, पुराणों, धर्म, साहित्य, वेद, वैदिक अध्ययन, बौद्ध साहित्य, भारतीय और पश्चिमी तार्किक सिस्टम, भारतीय प्रवचन विश्लेषण, भारतीय दर्शन, भारतीय सामाजिक-राजनीतिक चिंतन, प्दकवसवहपबंस अध्ययन, जैन साहित्य, हिंदू ज्योतिष । अपने विचार और टिप्पणियां अत्यधिक प्रशंसित किया जाएगा। लेखक edupediapublications@gmail.com के लिए अपने लेख भेज सकते हैं। सभी पांडुलिपियों त्वरित समकक्ष समीक्षा प्रक्रिया और (पहले प्रकाशित नहीं और एक अन्य पत्रिका के प्रकाशन के लिए विचाराधीन नहीं कर रहे हैं जो कर रहे हैं) के लिए उच्च गुणवत्ता के उन लोगों के बाद के अंक में बिना किसी देरी के प्रकाशित किया जाएगा के अधीन हैं। पांडुलिपि के ऑनलाइन जमा करने की जोरदार सिफारिश की है। एक पांडुलिपि नंबर एक सप्ताह या जल्दी के भीतर इसी लेखक के लिए भेज दिया जाएगा। इंटरनेशनल जर्नल की ओर से, मैं अपने सभी साथी शोधकर्ताओं और विद्वानों के लिए मेरे संबंध बढ़ाने और उन्हें अपने क्षेत्र में समृद्धि की कामना करता हूं।

Vol 3, No 6 (2017): VOL-03_ISSUE-06_June_2017

साहित्य संहिता में प्रकाशित सभी लेखों का आप अपने अध्ययन व् शोध कार्य में उचित सन्दर्भ के साथ प्रयोग कर सकते है. इसके लिए कोई लिखित अनुमति की जरुरत नहीं है.

Vol 3, No 5 (2017): VOL-03_ISSUE-05_May_2017

साहित्य संहिता में प्रकाशित सभी लेखों का आप अपने अध्ययन व् शोध कार्य में उचित सन्दर्भ के साथ प्रयोग कर सकते है. इसके लिए कोई लिखित अनुमति की जरुरत नहीं है.

Vol 3, No 4 (2017): VOL-03_ISSUE-04_APRIL_2017

साहित्य संहिता में प्रकाशित सभी लेखों का आप अपने अध्ययन व् शोध कार्य में उचित सन्दर्भ के साथ प्रयोग कर सकते है. इसके लिए कोई लिखित अनुमति की जरुरत नहीं है.

Vol 3, No 3 (2017): Vol-03_Issue-03_MARCH_2017

साहित्य संहिता पत्रिका का प्राइम फोकस हिंदी की पढ़ाई से संबंधित लेख प्रकाशित करने के लिए है। यह पत्रिका हिन्दी अनुसंधान में छात्रों और कर्मियों को प्रेरित करने के उद्देश्य के साथ मंच प्रदान करता है। हिन्दी साहित्यए प्राचीन भारतीय विज्ञान (हिन्दी में), संगणना भाषा विज्ञान, संस्कृति, महाकाव्य, व्याकरण, इतिहास, भारतीय सौंदर्य और राजनीति, पुराणों, धर्म, साहित्य, वेद, वैदिक अध्ययन, बौद्ध साहित्य, भारतीय और पश्चिमी तार्किक सिस्टम, भारतीय प्रवचन विश्लेषण, भारतीय दर्शन, भारतीय सामाजिक-राजनीतिक चिंतन, प्दकवसवहपबंस अध्ययन, जैन साहित्य, हिंदू ज्योतिष ।

Vol 3, No 2 (2017): VOL-03_ISSUE-02_FEBRUARY_2017

पत्रिका का प्राइम फोकस हिंदी की पढ़ाई से संबंधित लेख प्रकाशित करने के लिए है। यह पत्रिका हिन्दी अनुसंधान में छात्रों और कर्मियों को प्रेरित करने के उद्देश्य के साथ मंच प्रदान करता है। हिन्दी साहित्यए प्राचीन भारतीय विज्ञान (हिन्दी में), संगणना भाषा विज्ञान, संस्कृति, महाकाव्य, व्याकरण, इतिहास, भारतीय सौंदर्य और राजनीति, पुराणों, धर्म, साहित्य, वेद, वैदिक अध्ययन, बौद्ध साहित्य, भारतीय और पश्चिमी तार्किक सिस्टम, भारतीय प्रवचन विश्लेषण, भारतीय दर्शन, भारतीय सामाजिक-राजनीतिक चिंतन, प्दकवसवहपबंस अध्ययन, जैन साहित्य, हिंदू ज्योतिष ।

Vol 3, No 01 (2017): Vol-03_Issue-01_January_2017

पत्रिका का प्राइम फोकस हिंदी की पढ़ाई से संबंधित लेख प्रकाशित करने के लिए है। यह पत्रिका हिन्दी अनुसंधान में छात्रों और कर्मियों को प्रेरित करने के उद्देश्य के साथ मंच प्रदान करता है। हिन्दी साहित्यए प्राचीन भारतीय विज्ञान (हिन्दी में), संगणना भाषा विज्ञान, संस्कृति, महाकाव्य, व्याकरण, इतिहास, भारतीय सौंदर्य और राजनीति, पुराणों, धर्म, साहित्य, वेद, वैदिक अध्ययन, बौद्ध साहित्य, भारतीय और पश्चिमी तार्किक सिस्टम, भारतीय प्रवचन विश्लेषण, भारतीय दर्शन, भारतीय सामाजिक-राजनीतिक चिंतन, प्दकवसवहपबंस अध्ययन, जैन साहित्य, हिंदू ज्योतिष ।

2016

Vol 2, No 12 (2016): Vol-2_Issue-12_December_2016

पत्रिका का प्राइम फोकस हिंदी की पढ़ाई से संबंधित लेख प्रकाशित करने के लिए है। यह पत्रिका हिन्दी अनुसंधान में छात्रों और कर्मियों को प्रेरित करने के उद्देश्य के साथ मंच प्रदान करता है। हिन्दी साहित्यए प्राचीन भारतीय विज्ञान (हिन्दी में), संगणना भाषा विज्ञान, संस्कृति, महाकाव्य, व्याकरण, इतिहास, भारतीय सौंदर्य और राजनीति, पुराणों, धर्म, साहित्य, वेद, वैदिक अध्ययन, बौद्ध साहित्य, भारतीय और पश्चिमी तार्किक सिस्टम, भारतीय प्रवचन विश्लेषण, भारतीय दर्शन, भारतीय सामाजिक-राजनीतिक चिंतन, प्दकवसवहपबंस अध्ययन, जैन साहित्य, हिंदू ज्योतिष ।

Vol 2, No 11 (2016): Vol-2_Issue-11_November_2016

पत्रिका का प्राइम फोकस हिंदी की पढ़ाई से संबंधित लेख प्रकाशित करने के लिए है। यह पत्रिका हिन्दी अनुसंधान में छात्रों और कर्मियों को प्रेरित करने के उद्देश्य के साथ मंच प्रदान करता है। हिन्दी साहित्यए प्राचीन भारतीय विज्ञान (हिन्दी में), संगणना भाषा विज्ञान, संस्कृति, महाकाव्य, व्याकरण, इतिहास, भारतीय सौंदर्य और राजनीति, पुराणों, धर्म, साहित्य, वेद, वैदिक अध्ययन, बौद्ध साहित्य, भारतीय और पश्चिमी तार्किक सिस्टम, भारतीय प्रवचन विश्लेषण, भारतीय दर्शन, भारतीय सामाजिक-राजनीतिक चिंतन, प्दकवसवहपबंस अध्ययन, जैन साहित्य, हिंदू ज्योतिष ।

Vol 2, No 10 (2016): Vol-2_Issue-10_October_2016

साहित्य संहिता में प्रकाशित सभी लेखों का आप अपने अध्ययन व् शोध कार्य में उचित सन्दर्भ के साथ प्रयोग कर सकते है. इसके लिए कोई लिखित अनुमति की जरुरत नहीं है.

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